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ई-प्रशासन

ई-प्रशासन राज्य सरकार और इसके उपक्रमों में अब अपनी जगह बनाने लगा है। ई-प्रशासन सुनिश्चित करता है:

अ. अच्छा प्रशासन

आ. पारदर्शिता

इ. सूचना का अधिकार

ई. मूल्य और समय पर नियंत्रण

उ. प्रमाणित गुणवत्ता, और

ऊ. पहले से बेहतर उत्पादकता

 

ई-प्रशासन के क्षेत्र में हमारी पहलकदमी:

MPPHCL की संपूर्ण कार्य-प्रणाली का कंप्यूटरीकरण - उप-संभागीय स्तर पर भी अधिक कंप्यूटरों की सुविधा दे दी गई है।

MPPHCL की संपूर्ण कार्य-प्रणाली का कंप्यूटरीकरण - उप-संभागीय स्तर पर भी अधिक कंप्यूटरों की सुविधा दे दी गई है।

वेब-सक्षम (प्रक्रिया जारी है)

इस प्रणाली का उपयोग कर्मचारियों में समय की पाबंदी बढ़ाने, अवकाश एवं सेवा रिकॉर्डों की देख-रेख/खोज करने में सरलता के लिए किया जाता है।

 

MPPHCL मुख्यालय में LAN सुविधा

संचार और निर्णय-प्रक्रिया में तेजी

वेबसाइट की होस्टिंग एवं कर्मचारियों को ईमेल सुविधा प्रदान करने तथा ठेकेदारों को निविदा संबंधी विवरण उपलब्ध कराने हेतु बीएसएनएल के साथ सर्वर का संस्थापन।

वेबसाइट की होस्टिंग एवं कर्मचारियों को ईमेल सुविधा प्रदान करने तथा ठेकेदारों को निविदा संबंधी विवरण उपलब्ध कराने हेतु बीएसएनएल के साथ सर्वर का संस्थापन।

 

एमएस प्रोजेक्ट 2002 का उपयोग करते हुए वेब-आधारित परियोजना प्रबंधन प्रणाली:

दूरस्थ स्थलों पर नियमित रूप से निर्माण परियोजनाओं की निगरानी के लिए।

किसी भी समय परियोजना की सही-सही स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सकती है।

कार्य तथा कार्य में आई गिरावट की निगरानी संबंधी कार्यक्रम में उल्लेखनीय प्रगति।

निर्माण-कार्य के दौरान अक्सर लिए गए फोटो/वीडियो अपलोड के माध्यम से भौतिक प्रगति

निर्माण-कार्य के दौरान अक्सर लिए गए फोटो/वीडियो अपलोड के माध्यम से भौतिक प्रगति की समीक्षा।

निर्माण से बाहर की परियोजनाओं की निगरानी।

समय और दूरी की बाधाओं पर विजय पाते हुए प्रभावशाली परियोजना प्रबंधन।

संवाद एवं निर्णय-प्रक्रिया को और भी बेहतर बनाने के लिए कार्यालयों के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली के विकास की भी योजना है।

क्रमश: कैम्प-एक्स और कैड का उपयोग करते हुए व्यय संबंधी अनुमानों (एस्टिमेट्स), ड्राइंग और वाक-थ्रू तैयार करना जिससे ज्यादा सही-सही और तेज परिणाम हासिल हो सके।

STADD 21.1w / NISA (CIVIL) सॉफ्टवेयर का उपयोग करते हुए संरचनात्मक डिजाइन तैयार करना।

 

पूरे कॉर्पोरेशन में एकाउंटिंग के लिए ‘टैली’ का उपयोग किया जा रहा है

दैनिक आधार पर एकाउंट की जानकारी पाने के लिए

विभिन्न स्तरों पर अलग-अलग मद में हुए खर्च देखने के लिए

सभी स्तरों पर बैंक संबंधी लेन-देन का विवरण जानने के लिए

 

ई-निविदा की प्रक्रिया लागू की जा रही है

पारदर्शिता बढ़ाने, निविदा-प्रक्रिया को तेज करने, कॉन्ट्रैक्टों पर शीघ्र अंतिम निर्णय लेने और परियोजना-अवधि घटाने के लिए

ई-निविदा का कार्यान्वयन विप्रो की एक सहायक संस्था 01 मार्केट्स के सहयोग से किया जा रहा है।

रिवर्स ऑक्शन (प्रति-नीलामी) भी परियोजना का बचाव करती है।

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